अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (हिन्दी व्याकरण) – Hindi Grammar

आज के इस हिंदी व्याकरण के आर्टिकल में आप Hindi Grammar के एक महत्वपूर्ण चैप्टर अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (जैसे – जो अपने देश को हो – स्वदेशी) के बारे में पढ़ सकते हैं।

दोस्तों, हमने अपने पिछले हिंदी व्याकरण के आर्टिकल में अनेकार्थी शब्द और पर्यायवाची शब्द के बारे में पढ़ा था। अगर आपने अभी तक इसे नहीं पढ़ा तो आप इसे भी पढ़ सकते हैं।

Anek Shabdon Ke Liye Ek Shabd in Hindi Grammar

anek shabdon ke liye ek shabd

Anek Shabdon Ke Liye Ek Shabd in Hindi Vyakaran 

जिनके हाथ में वीणा है – वीणापाणि

जिनके सिर पर चन्द्रमा है – चंद्रशेखर, चंद्रमौलि

जानने की इच्छा – जिज्ञासा

जितने की इच्छा – जिगीषा

जीने की इच्छा – जिजीविषा

खाने की इच्छा – बुभुक्षा

पीने की इच्छा – पिपासा

युद्ध करने की इच्छा – युयुत्सा

जिसको कभी भेदा न जा सके – अभेद्य

जिसके आने की तिथि मालूम नहीं हो – अतिथि

जिसका कोई न हो – अनाथ

दो बार जन्म लेने वाला – द्विज

जिसका शत्रु न जन्मा हो – अजातशत्रु

जिसकी चार भुजाएँ हो – चतुर्भुज

जिसका पति मर गया हो – विधवा

जिसका पति जीवित हो – सधवा

जिसकी पत्नी मर गई हो – विधुर

जल में जन्म लेने वाला – जलज

पुत्र की पत्नी – पुत्रवधु

जो धर्माचरण करता हो – धर्मात्मा

जो सब कुछ जानता हो – सर्वज्ञ

जहाँ नदियों का मिलन हो – संगम

पंचाल देश की रहने वाली – पंचाली

जो पर्दे के अंदर रहे – पर्दानशीन

खाली करनेवाला – रिक्तक

दुःख देने वाला – दुःखद

कम बोलने वाला – मितभाषी

पीने योग्य – पेय

जिसका तेज नस्ट हो गया हो – निस्तेज

मृत्यु तक – आमरण

देखने योग्य – दर्शनीय

जो कहा गया हो – कथित

जो प्रमेय न हो – अग्रमेय

जो मापा न जा सके – अपरिमित

जो पहले कभी नहीं देखा गया – अदृश्टपूर्व

जो बहुत बोलता है (अधिक बोलने वाला) – वाचाल

स्त्री के वश में रहने वाला – स्त्रैण

जो युद्ध में स्थिर रहता है – युधिष्ठिर

विदेश में प्रवास करने वाला – प्रवासी

जो अपने देश का हो – स्वदेशी

जो दिन में एक बार भोजन करता है – एकाहारी

भविष्य में होने वाला – भावी

जो मांस नहीं खाता हो – निरामिष-भोजी

जो स्त्री अभिनय करे – अभिनेत्री

जो पुरुष अभिनय करे – अभिनेता

जो मांस-मछली खाता हो – मांसाहारी, आभिषभोजी

जो शाक-सब्जी खाता हो – शाकाहारी

जो फल खाता हो – फलाहारी

माता की हत्या करने वाला – मातृहंता

जो आकाश में चलता हो – खेचर

हत्या करने वाला – हत्यारा

कार्य करने वाला – कार्यकर्त्ता

दौड़ने वाला – धावक

मीठी बोली बोलने वाला – मृदुभाषी

जो विज्ञान जानता हो – वैज्ञानिक

लिखने वाला – लेखक

सदा याद रखने योग्य – चिरस्मरणीय

जिसका उदर लम्बा हो – लम्बोदर

जिसका जन्म पहले हुआ हो – अग्रज

जिसका जन्म बाद में हुआ हो – अनुज

जिसका उपमा न हो – अनुपम

वह जिसकी प्रतिज्ञा दृढ हो – दृढ़प्रतिज्ञ

एक ही (माँ के) उदर से जन्म लेने वाला – सहोदर

यश वाला – यशस्वी

तेज वाला – तेजस्वी

जो बीत गया हो – अतीत

जो कभी मरे नहीं – अमर

जो हर जगह व्याप्त हो – सर्वयापी

गिरा हुआ – पतित

बिक्री करने वाला – बिक्रेता

आलोचना करनेवाला – आलोचक

जानने की इच्छा रखनेवाला – जिज्ञासु

जिस स्त्री का पति परदेश में हो – प्रोषितपतिका

जिस पुरुष की पत्नी साथ न हो – विषत्नीक

जिस स्त्री ने कभी सूर्य न देखा हो – असुरय्रम्पश्या

शक्ति के अनुसार – यथाशक्ति

पीछे-पीछे चलने वाला – अनुगामी

सबसे प्रिय – प्रियतम

गंगा का पुत्र – गांगेय

आलोचना के योग्य – आलोच्य

मान करने योग्य – माननीय

पूजा करने योग्य – पूज्य, पूजनीय

तुरंत जन्मा हुआ – सद्योजात

उपकार के बदले किया गया उपकार – प्रत्युपकार

किये गए उपकार को मानने वाला – कृतज्ञ

किये गए उपकार को नहीं मानने वाला – कृतघ्न

किसी विषय की विशेष जानकारी रखने वाला – विशेषज्ञ

जिसे बहुत कम ज्ञान हो – अल्पज्ञ

जिसकी गर्दन सुन्दर हो – सुग्रीव

जो अंदर की बात को जानने वाला हो – अन्तर्यामी

दोपहर के बाद का समय – अपराह्य

दोपहर के पहले का समय – पूर्वाह्य

संतानहीन स्त्री – बाँझ, बंध्या

जिसके संतान नहीं – निःसंतान

मेघ की तरह नाद करनेवाला – मेघनाद

हित चाहने वाला – हितैषी

बिना किसी विरोध के (चुना गया हो) – निर्विरोध (निर्वाचित)

जब किसी के निमंत्रण पर आया है – आमंत्रित

जो स्वेच्छा से सेवा कार्य करता है – स्वयंसेवक

जो दूसरे के अधीन है – पराधीन

जो जन्म से अंधा हो – जन्मांध

जो जहाज युद्ध का हो – युद्धपोत

जो नष्ट होने वाला हो – नश्वर

जो आसानी से प्राप्त नहीं हो – दुर्लभ

जो आसानी से मिले – सुलभ

कर्म के अनुसार – यथाक्रम

क्षुधा से आतुर – क्षुधातुर

मालिक का आज्ञाकारी – स्वामीभक्त

आंखों के सामने – प्रत्यक्ष

परिवार के साथ – सपरिवार

जो बात पहले हो चुकी हो – भूतपूर्व

जो भगवान को मानता हो – आस्तिक

जो भगवान को नहीं मानता हो – नास्तिक

जिसे दिखाई ना देता हो – अंधा

जिस पर कुछ शक हो – संकित

शिव का भक्त – शैव

विष्णु का भक्त – वैष्णव

इस लोक की बात – अलौकिक

जिसका आचरण अच्छा हो – सदाचारी

जिसका आचरण अच्छा ना हो – दुराचारी

रात में घूमने वाला – रजनीचर, निशाचर

जिसका अंत ना हो – अनंत

सप्ताह में एक दिन होने वाला – सप्ताहिक

पंद्रह दिन में एक बार होने वाला – पाक्षिक

वर्ष में एक बार होने वाला – वार्षिक

अतीन्द्रिय और अभौतिक तत्व जिसका कभी नाश ना हो – अमर, अविनाशी

सफलता न मिलने या असामाजिक स्थिति पर दुखी होना – क्षुब्ध, हताश

Final Thoughts – 

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में आपने हिंदी व्याकरण के चैप्टर अनेक शब्दों के लिए एक शब्द के बारे में पढ़ा।

आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमे बता सकते है की आपको आज का यह आर्टिकल कैसा लगा।

आप यह हिंदी व्याकरण के भागों को भी पढ़े –